नैनीताल के जंगलों में आखिर क्यों पहुंची एनजीटी NGT की टीम…

नैनीताल। नैनीताल के एक ग्रीन जोन समेत अन्य स्थानों पर तेजी से काटे जा रहे पेड़ों के मामले पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की टीम ने शुक्रवार को शहर के विभिन्न क्षेत्रों पर जाकर गहनता से स्थलीय निरीक्षण किया जहां पर एनजीटी द्वारा गठित टीम को कई वृक्ष कटे हुए मिले। जानकारी देते हुए चीफ कंजरवेटर कुमाऊं मानसिंह ने बताया मनोज साह जगाती और विवेक वर्मा एनजीटी को पत्र लिखकर नैनी झील समेत आसपास के क्षेत्रों में काटे जा रहे पेड़ों की शिकायत की थी और एनजीटी कोर्ट में पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के मामले में अज्ञात लोगो के खिलाफ शिकायत दर्ज करते हुए। एनजीटी के निर्देश पर संयुक्त कमेटी का गठन किया गया और शहर में पेड़ों की कटान की रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए। जिस टीम में आयुक्त कुमाऊं, चीफ कंजरवेटर, वन विभाग समेत जिला प्रशासन, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम थी। जिसने आज शहर के अरोमा होटल, धामपुर बैंड,आयारपाटा समेत आसपास के करीब आधा दर्जन क्षेत्रों का गहनता से निरीक्षण किया। जहां पर टीम को कई स्थानों पर पेड़ कटे होने के पुख्ता साक्ष्य मिले है। चीफ कंजरवेटर मान सिंह ने बताया कि निरीक्षण के दौरान टीम को जो साक्ष्य मिले हैं उनकी रिपोर्ट तैयार कर एनजीटी कोर्ट में पेश की जाएगी। निरीक्षण के दौरान अपार आयुक्त जीवन सिंह नग्नयाल, वन क्षेत्राधिकारी प्रमोद तिवारी, अधिशासी अधिकारी अशोक कुमार वर्मा,नवाजिश खलीक,मनोज शाह जगाती,विवेक वर्मा समेत अन्य लोग मौजूद रहे।——–अप्रैल माह में अरोमा होटल क्षेत्र से कटे पेड़ों के मामले पर पालिका के पास कोई जवाब नहीं..बीते अप्रैल माह में अरोमा होटल क्षेत्र में काटे गए दर्जनभर पेड़ों के मामले पर एनजीटी के निर्देश पर गठित टीम ने जब नगरपालिका से संबंधित भूमि और पेड़ काटने वालों की जानकारी मांगी तो पालिका के अधिकारी एनजीटी की टीम को संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। पालिका के अधिशासी अधिकारी ने बताया कि जिस जमीन से पेड़ काटे गए हैं किसी व्यक्ति की निजी भूमि प्रतीत हो रही है जिसकी जानकारी एकत्र कर पेड़ काटने संबंधी कार्यवाही उनके द्वारा अमल में लाई जाएगी।______छोटे पेड़ों को पेड़ नहीं मानता वन विभागनिरीक्षण के दौरान क्षेत्रीय सभासद शिकायतकर्ता मनोज शाह जगाती की चीफ कंजरवेटर मानसिंह के साथ तीखी झड़प हुई। क्योंकि कंजरवेटर का कहना था कि वन विभाग छोटे पेड़ों को पेड़ नहीं मानता। जिस पर सभासद के द्वारा उनसे लिखित रूप में छोटे पेड़ों को पेड़ न मानने की जानकारी देने को कहा और काफी देर तक दोनो में बहस होती रही।फोटो।

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