नैनीताल पहुंचे बाबा रामदेव ने कहा अगर देश में गुरुकुल शिक्षा पद्धति लागू कर दी जाय तो 2047 तक भारत बन जाएगा विश्व आर्थिक एवं आध्यात्मिक शक्ति का केंद्र

हेमा जोशी,नैनीताल।

बाबा रामदेव

ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी में भारतीय शिक्षण मंडल गुरुकुल प्रकल्प की ओर से आयोजित दस दिवसीय संयोगी शिविर का समापन किया गया। शिविर में 12 से 15 वर्ष के 21 प्रदेशों से भीमताल पहुंचे 69 बच्चों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का शुभारंभ योगगुरु बाबा रामदेव ने किया। इस दौरान बाबा रामदेव ने कहा में पहली बार भीमताल आया हूं, यहां धरती का स्वर्ग है। उन्होंने अपने जीवन से जुड़ी कई स्मृतियों को याद किया। कहा उनकी शिक्षा आचार्य बलदेव के सानिध्य में हुई है। गुरुकुल में पढ़ते हुए 10 हजार मंत्र याद किए। उन्होंने कुछ मंत्र यूनिवर्सिटी के छात्रों को हर दिन पढ़ाने के लिए कहा। इस दौरान उन्होंने छात्रों से शंकराचार्य जैसे गुरुओं को अपना आइकॉन बनाने को कहा। कार्यक्रम के दौरान आचार्य ज्ञानेंद्र ने गुरुकुल की महत्ता पर प्रकाश डाला। इस दौरान बच्चों ने सूर्य नमस्कार, कत्थक, प्रगट योग, भरतनाट्यम की प्रस्तुति दी। शिविर में 12 से 15 वर्ष के 21 प्रदेशों से 69 बच्चों ने प्रतिभाग किया। वही बाबा रामदेव ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम ही नहीं है, बल्कि यह आपको जीवन जीने की कला सिखाता है। गुरुकुल शिक्षा पद्धति का प्रभाव ही है कि वह आज योग के साथ-साथ 40 हजार करोड़ टर्न ओवर की कंपनी चलाते हुए परमार्थ के कार्य में लगे हुये हैं। यदि पूरे देश में गुरुकुल शिक्षा पद्धति लागू कर दी जाय तो निश्चित ही स्वर्ण जयंती 2047 तक भारत विश्व की आर्थिक एवं आध्यात्मिक शक्ति बन जाएगा

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