108 आपातकालीन सेवा का मामला पहुँचा नैनीताल हाई कोर्ट,सरकार को दिए निर्देश।

सुभाष उपाध्याय

हेमा जोशी, नैनीताल।

प्रदेश में 108 सेवाओं का मामला नैनीताल हाईकोर्ट की शरण में पहुंच गया है 108 कर्मचारियों के मामले में सुनवाई करते हुए नैनीताल हाई कोर्ट के न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी की एकल पीठ में सुनवाई करते हुए सचिव मेडिकल हेल्थ फैमिली वेलफेयर को निर्देश दिया कि कि वो जल्द से जल्द करीब 700 से अधिक 108 आपातकालीन सेवा के कर्मचारियों की समस्या का निदान करें ताकि प्रदेश में 108 की सेवा सुचारु रुप से चल सके वहीं मामले की सुनवाई के बाद न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी की एकल पीठ याचिका को निस्तारित कर दिया।          आपको बता दें कि 108 के चालक पुरन चंद जोशी ने नैनीताल हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि 108 आपातकालीन सेवाओं में 2010 से कार्य कर रहे हैं अभी 108 सेवा प्रदान करने वाली कंपनी जीवीके का कार्यकाल समाप्त हो गया है जिस कारण 108 में कार्य कर रहे चालक परिचालक समेत अन्य कर्मचारी बेरोजगार हो गए हैं ,क्योंकि सरकार ने प्रदेश में 108 आपातकालीन सेवा चलाने के लिए दूसरी कंपनी को ठेका दे दिया है और कंपनी इन को समायोजित नहीं कर रही है, और जिनको कंपनी समायोजित कर रही है उसमे कई एसी शर्त है जो अमान्य है,1- समायोजित करने के लिए शर्त रखी है कि कि कर्मचारी विदेश में कहीं भी नियुक्ति को तैयार रहें दूसरा कंपनी उनको ₹9000 से अधिक तनख्वाह नहीं देगी,नैनीताल पहुंचे याचिकाकर्ताओं का कहना है कि वह प्रदेश में कहीं भी कार्य करने को तैयार हैं परंतु उनको पूर्व दिया जा रहा वेतन मिलना चाहिए,, साथ ही याचिकाकर्ताओं का कहना है कि कि काम उनको 108 सेवा में काम करते हुए करीब 10 साल से अधिक हो गए हैं और अन्य काम करने कि उनके पास अब उम्र नहीं बची है लिहाजा उनको इसमें समायोजित किया जाए मामले को गंभीरता से लेते हुए न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी की एकल पीठ ने सचिव हेल्थ को निर्देश दिए हैं कि इन सभी कर्मचारियों की समस्या का निस्तारण करें ताकि इनके भविष्य से खिलवाड़ ना हो सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published.