स्वतंत्रता संग्राम सेनानी हरीश चंद्र ढोडियाल का निधन, चित्रशिला घाट में हुई अंत्येष्टि।

स्वतन्त्रा संग्राम सेनानी हरीश चन्द्र ढौडियाल का चित्रशिला घाट रानीबाग में बुधवार की सुबह पूरे राजकीय सम्मान के साथ अन्तिम संस्कार किया गया। इस मौके पर बडी संख्या मे जनप्रतिनिधि विभिन्न राजनैतिक दलों के कार्यकर्ता एवं प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे,, स्व0 ढौडियाल के पार्थिव शरीर पर जिलाधिकारी श्री सविन बंसल, पूर्व सांसद भगत सिह कोश्यारी, जिलाध्यक्ष भाजपा प्रदीप बिष्ट, अध्यक्ष मण्डी गजराज बिष्ट, पूर्व कैबिनेट मंत्री हरीश चन्द्र दुर्गापाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार मीणा ने पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्वांजलि दी,, वही पुलिस के जवानों द्वारा दिवंगत को शस्त्र से सलामी दी गई तथा मातमी धुन भी बजाई।
गमगीन माहौल में स्व0 ढौडियाल के पुत्र आशीष ढौडियाल ने मुखाग्नि दी। इस अवसर पर पूर्व ब्लाक प्रमुख भोला दत्त भटट, पूर्व पालिकाध्यक्ष दीप सती, पूर्व अध्यक्ष दुग्ध संघ संजय किरौला, नरेन्द्र बिष्ट, महेश शर्मा,पुलिस क्षेत्राधिकारी विजय ढौडियाल, उपजिलाधिकारी विवेक राय, तहसीलदार गोपाल राम आर्य, जगदीश बिष्ट के अलावा बडी संख्या मे गणमान्य नागरिक एवं क्षेत्रवासी मौजूद थे।
प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिह रावत ने स्वतन्त्रा संग्राम सेनानी स्व0 हरीश चन्द्र ढौडियाल के निधन पर शोक व्यक्त किया है। उन्होने कहा है कि स्व0 ढौडियाल का भारतीय स्वाधीनता संग्राम में विशेष योगदान रहा है। वह सच्चे देश भक्त एवं राष्ट्रपे्रमी थे। उनके निधन से देश व समाज को अपूर्णीय क्षति हुई है। दिवंगत को श्रद्वासुमन अर्पित करते हुये मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि ईश्वर उनकी आत्मा को शान्ति प्रदान करे तथा परिजनों को इस असीम दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करेे।

स्वतन्त्रा संग्राम सेनानी स्व0 ढौडियाल का जन्म 20 नवम्बर 1924 को आंवलाकोट मे हुआ था। उनकी प्रारम्भिक शिक्षा कोटाबाग मे हुई थी। स्वतन्त्रता संग्राम आन्दोलन में उन्होने अहम भूमिका निभाई जिसके लिए उनको कई बार जेल भी जाना पड़ा। उन्होने भूमि आन्दोलन मे बढ-चढ कर भाग लिया। वे इलाहाबाद युनिवर्सिटी मे स्टूडेंट फेडरेशन के अध्यक्ष रहे। उनकी पत्नी शकुंतला देवी एवं एक पुत्र और तीन पुत्रियां हैं।

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