सुन लो मुख्यमंत्री जी हमारी आवाज, नही तो..

प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं कितनी बेहतर है इसका जीता जागता उदाहरण नैनीताल के ओखलकांडा और रुकना गांव में देखने को मिला जब गांव में सड़क ना होने की वजह से दो लोगों को डोली के माध्यम से सड़क तक लाया गया जिसके बाद मरीजों के उपचार के लिए उनको गांव से करीब 150 किलोमीटर दूर हल्द्वानी भेजना पड़ा। यह कोई पहला मामला नहीं है जब इस तरह मरीजों को उपचार के लिए इतनी दूर भेजना पड़ा प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में आज भी स्वास्थ्य सेवाएं और सड़कें बदहाल स्थिति में है,जिस वजह से ग्रामीणों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है ग्रामीण अपने गांव में सड़क और अस्पताल की मांग को लेकर सरकार से मांग करते हैं लेकिन डबल इंजन की सरकार इन गरीब गांव वालों की तरह देखने और इनकी आवाज सुनने को तैयार नहीं, साइन डबल इंजन की सरकारों को इन गांव में किसी बड़े हादसे और बड़ी जनहानि का इंतजार है तभी तो सरकारें इन गांव वालों की आवाज को सुनने को तैयार नहीं।

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