शराब पीकर अकक्षर मारा करती थी प्रेमिका जिस वजह से प्रेमी ने कर दी हत्या,पति से तलाख के बाद भी थे तीन प्रेमी….

दीक्षा की हत्या का मुख्य कारण बना पुराने बॉयफ्रेंड का कॉल।
नैनीताल: 15 अगस्त की रात नैनीताल के एक होटल में महिला पर्यटक की हत्या के मामले पर पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है नैनीताल पुलिस के द्वारा हत्यारोपी ऋषभ उर्फ इमरान को गाजियाबाद से गिरफ्तार किया गया है।वारदात का खुलासा करते हुए नैनीताल के एसपी सिटी देवेंद्र पिंचा ने बताया कि घटना के बाद पुलिस के द्वारा आरोपी ऋषभ उर्फ इमरान की गिरफ्तारी हेतु टीम का गठन किया था जिसे घटना वाले रात ही गाजियाबाद दिल्ली के लिए रवाना किया गया था जिसने कई जगहों पर दबिश दी जिसके आधार पर देर रात आरोपी को गिरफ्तार किया गया है जिसे अब मेडिकल करवाकर न्यायालय में पेश किया जा रहा है।पुलिस के हत्थे चढ़े आरोपी इमरान ने बताया कि कि वह दीक्षा के साथ बीते 2 साल से लिव इन रिलेशन में रह रहा था और बीते कुछ महीनों से दीक्षा और उसका अकक्षर विवाद होने लगा था और हत्या वाली रात भी दीक्षा ने शराब पीने के बाद उसके साथ मारपीट की और इसी आवेश में आकर उसने दीक्षा का गला दबाकर हत्या कर दी।

पति से तलाख के बाद दीक्षा के थे तीन बॉयफ्रेंड।
इमरान ने बताया दीक्षा की शादी 2008 में हुई और 2012 में वह अपने पति से अलग रहने लगी जिसके बाद उसकी मुलाकात सुरेंद्र यादव से हुई जिसके साथ दीक्षा लंबे समय तक लिव इन रिलेशन में रही और कुछ समय बाद दीक्षा की सुरेंद्र से अनबन हो गयी और दीक्षा और सुरेंद्र अलग हो गए और कुछ दिन बाद दीक्षा फिर किसी अन्य युवक के संपर्क में आई और उसके साथ लिवइन रिलेश में रही जो रिश्ता भी कुछ दिनों तक चल सका और 2018 में दीक्षा और उनकी (ऋषभ) की मुलाकात हुई जिसके बाद से दोनों साथ राह रहे थे।इमरान ने पुलिस को बताया कि बीते कुछ समय से दीक्षा का स्वभाव बदला हुआ लग रहा था और वो अक्शर शराब पीने के बाद उससे लड़ती और घटना वाले दिन दीक्षा के पुराने बॉयफ्रेंड का कॉल आया जिस वजह से उन दोनों में बहस बढ़ गई और दीक्षा ने शराब के नशे में उसके साथ मारपीट और गाली गलौच की और गुस्से में उसने दीक्षा की गला दबा कर हत्या कर दी और भाग कर नोएडा चला गया।एक साल पहले प्रॉपर्टी डीलिंग के कामकाज के चलते इमरान की मुलाकात दीक्षा मिश्रा से हुई थी। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ी तो दोनों प्रेम प्रसंग भी शुरू हो गया। दीक्षा जिस कॉलोनी में रहती थी वहां अधिकतर हिंदू समुदाय के लोग होने के कारण दीक्षा के कहने पर ही इमरान ने अपना नाम बदलकर ऋषभ तिवारी रख लिया था। दीक्षा के परिजनों और कॉलोनी के कुछ लोगों को छोड़ अन्य दोस्त ऋषभ के इमरान होने की बात जानते थे।

पुलिस जब आरोपी को कोर्ट में पेश करने के लिए ले जा रही थी उसी समय भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के द्वारा आरोपी ऋषभ उर्फ इमरान को देख लिया और उसकी धुनाई कर दी जिससे कुछ समय के लिए कोतवाली में अफरा तफरी का माहौल बन गया और पुलिस ने बीच-बचाव कर इमरान को गाड़ी में बैठा कर कोट ले गए।इमरान की धुलाई करने के बाद भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं का कहना था कि ऐसे लोग सरोवर नगरी नैनीताल का नाम बदनाम कर रहे हैं जिस वजह से उन लोगों के द्वारा ऐसा जघन्य अपराध करने वाले लोगों को सबक सिखाया है।

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