शराब पर प्रतिबंध लगाने के मामले में हाई कोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब।

हेमा जोशी,नैनीताल।

प्रदेश में शराब पर प्रतिबंद लगाने के मामले में नैनीताल हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को 3 सप्तहा में सपथ पत्र पेश कर जवाब देने के आदेश दिए है, कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि पिछले 18 सालों में कब कब सरकार द्वारा शराब बंदी करी गयी,,  सरकार ने  मामले में जवाब देने के लिए कोर्ट से 3 सप्ताह का समय मांगा है ।       आपको बता दे कि गरुड़ नीवासी अधिवक्ता डी.के.जोशी ने जनहित याचिका दायर कर प्रदेश  में शराब के बढ़ रहे प्रचलन और लोगो की मौत समेत हो रही बीमारियों को देख कर जनहित याचिका दायर की,, जिसमे कहा गया है कि प्रदेश में आबकारी अधिनियम 1910 लागू है जिसका पालन नही हो रहा है, और जगह जगह सार्वजनिक स्थानों, स्कूल, मंदिरों के आस पास शराब की दुकान खुली हुई है है वही शराब की वजह से पहाड़ी छेत्रो में दुर्घटनाए भी बढ़ रही और कई परिवार बर्बाद हो गए है लिहाजा शराब पर पूर्ण रूप से रोक लगनी चाहिए,,,,          

याचिकाकर्ता ने शराब से हुई राजस्व आय को समाज कल्याण में लगाने की भी मांग की है,, याचिकाकर्ता का कहना है कि सरकार शराब बिक्री से दो प्रातिषत सेस लेती है, जिसे शराब से हुए नुकसान के मामलों में ही खर्च किया जाना चाहिए।मामले की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन और न्यायमूर्ति एन.एस.धनिक की खंडपीठ ने मामले  को सुनने के बाद राज्य सरकार से पूछा है कि उन्होंने राज्य बनने के बाद पिछले 18 वर्षों में कब कब शराबबंदी लागू की,, जिस पर सरकार सपथ पत्र पेश कर जवाब पेश करने के आदेश दिए है, मामले  में अगली सुनवाई 27 मई को गई है ।

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