राज्य सरकार के एक और शासना देश पर हाई कोर्ट ने लागई अंतरिम रोक

गौरव जोशी, नैनीताल

नैनीताल हाई कोर्ट से एक बार फिर राज्य सरकार को बड़ा झटका लगा है नैनीताल हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के 15 नवंबर 2018 के उस आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है जिसमें सरकार द्वारा उन स्कूलों का समायोजन करा जा रहा था जिन स्कूलों में बच्चों की संख्या 30 से कम थी,,, आज सुनवाई के दौरान न्यायाधीश सुधांशु धूलिया और न्यायाधीश आर सी खुल्बे की खंडपीठ ने चमोली जिले के खनोली जूनियर हाई स्कूल के प्रिंसिपल को आदेश दिए हैं कि प्रिंसिपल सभी बच्चों को प्रवेश दें और प्रवेश प्रक्रिया पूरी करें।
आपको बता दें कि चमोली निवासी त्रिलोक सिंह, दलबीर सिंह समेत अन्य नैनीताल हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर प्रदेश सरकार के 15 नवंबर 2018 के शासनादेश को चुनौती देते हुए कहा कि 2011 में सरकार द्वारा जूनियर हाई स्कूल खनोली समेत 58 उच्च प्राथमिक विद्यालयों को हाई स्कूल पर उच्चीकरण किया जा रहा था,, किंतु सरकार द्वारा 15 नवंबर 2018 को एक और शासनादेश जारी कर हाई स्कूल खनोली से जीआईसी गडकोट में समायोजित करने के आदेश दिए जो गलत है,,, साथ ही याचिकाकर्ता का कहना है कि शासनादेश के अनुसार ऐसे विद्यालय जिन की छात्र संख्या 30 से कम है उनको 5 किलोमीटर की परिधि में संचालित विद्यालय में विलय करने को कहा था लेकिन सरकार द्वारा उनके प्राथमिक विद्यालय को गांव से 9 किलोमीटर की दूरी गडकोट में स्थानांतरित कर दिया गया है जिससे बच्चों को काफी दिक्कतें हो रही है, और कई बच्चे पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हैं,, लिहाजा सरकार द्वारा जारी इस शासन आदेश को निरस्त किया जाए,मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के खंडपीठ ने अंतरिम आदेशों तक सरकार के शासनादेश पर रोक लगा दी है साथ ही खजौली हाई स्कूल के प्रधानाचार्य को निर्देश दिए हैं कि प्रधानाचार्य सभी बच्चों को प्रवेश दे।

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