पंचायती राज एक्ट में हुए संसोधन पर हाई कोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब,12 पूर्व ग्राम प्रधानों की लिस्ट कोर्ट में पेश।

हेमा जोशी,नैनीताल।

राज्य सरकार द्वारा पंचायती राज एक्ट में करे गए संसोधन के मामले में नैनीताल हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को 21 अगस्त तक सपथ पत्र पेश कर जवाब देने के आदेश दिए है,,, वही आज याचिकाकर्ता ने करीब 12 पूर्व प्रधानों की लिस्ट कोर्ट में पेश करी जिनके 3 बच्चे है और वो प्रधान का चुनाव लड़ना चाहते है, जिनके बाद मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने मामले में राज्य सरकार को जवाब पेश करने के आदेश दिए है।
आपको बता दें कि नैनीताल निवासी ग्राम प्रधान हिमांशु पांडे और ग्राम प्रधान मनोहर लाल आर्या समेत उत्तराखंड ग्राम  प्रधान संगठन की ओर हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा है कि  राज्य सरकार द्वारा 2019 में पंचायती राज   एक्ट में संसोधन किया गया है । जिसमें कहा गया है कि राज्य सरकार द्वारा दो बच्चे से अधिक बच्चे वाले उम्मीदवारो को चुनाव लड़ने से रोका जा रहा है जो गलत है साथ ही सरकार द्वारा एक्ट में किए गए बदलाव को बैक डेट से लागू कराया जा रहा है जो नियम विरुद्ध है।  याचिकाकर्ताओं का कहना है कि अगर किसी एक्ट में बदलाव किया  जाता है तो उसको लागू करने से पूर्व 300 दिन का समय दिया जाता है लेकिन राज्य सरकार द्वारा बैक डेट से संसोधन एक्ट लागू कराया जा रहा  है।
वहीं याचिकाकर्ताओं का कहना है कि सरकार के 2 बच्चों से अधिक के चुनाव लड़ने वाले बदलाव के बाद पहाड़ी क्षेत्रों में प्रधान के उम्मीदवार मिलना मुश्किल हो जाएगा साथ ही याचिका में हाई स्कूल पास की होने की बाध्यता को भी चुनौती दी है।                    एक्ट के संसोधन में यह भी कहा गया है कि कॉपरेटिव सोसायटी के सदस्य भी दो से अधिक बच्चे होने के कारण चुनाव नही लड़ सकते है लेकिन गावों में प्रत्येक सदस्य कोई न कोई कॉपरेटिव सोसायटी का सदस्य होता है इस तरह से तो ग्राम प्रधान मिलना मुश्किल हो जायेगा। 

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