नैनीताल में शिक्षा के मंदिर बने कमाई के अड्डे, क्या सरकार कभी करेगी कार्यवाही, अभिभाक हो रहे परेशान।

साथ ही मेन्टेनेंस के नाम पर एक्सट्रा तीन हजार लिये जाने के विरोध में नैनीताल के सनवाल पब्लिक स्कूल में  अभिभावकों ने हंगामा करना शुरू कर दिया।कुछ अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल मनमाने ढंग से 12 नहीं बल्कि 13 महीनों की फीस वसूल रहा है जो कि सरासर नाइंसाफी है। साथ ही अभिभावकों का ये भी आरोप है कि स्कूल प्रशासन हमारे बच्चो से बिजली पानी साफ सफाई इत्यादि तक का चार्ज ले रहा है जबकि स्कूल में ना तो टाॅयलेट दुरूस्त हैं ना ही पीने के पानी की कोई अच्छी व्यवस्था है। ऐसे में फीस के तीन हजारों रूपये बढ़ जाने के बाद जिन अभिभावकों की तीन तीन बच्चे स्कूल मे पढ़ रहे हैं उनका क्या होगा।

प्राइवेट स्कूलों की मनमानी और स्कूल प्रशासन के द्वारा फीस बढ़ाये जाने पर आक्रोशित अभिभावको के नैनीताल के सनवाल स्कूल परिसर में हंगामा काटा, वही अचानक फीस बढ़ाने का विरोध कर रहे अभिभावकों के साथ स्कूल की प्रिंसिपल ने जम कर बदसलूकी की,
विरोध कर रहे अभिभावकों कहना है कि स्कूल प्रबंधन ने पिछले साल की तुलना में इस साल फीस में और ज्यादा बढोत्तरी कर है

प्राइवेट स्कूलों खूलेआम मनमानी फीस अभिभावकों से वसूल रहें है। बढ़ती फीस पर हंगामा करने वाला अभिभावकों से प्रिंसिपल द्वारा कहा जाता है कि अगर आप अफोर्ड नहीं कर सकते तो गवर्मेंट स्कूल में पढ़ा लिजिये अपने बच्चों को। वही तीस हजारों रूपये बडाने के मामले में स्कूल प्रिंसिपल का कहना है कि पहले फीस फरवरी माह से मार्च माह कि ली जाती थी। लेकिन अब फीस अप्रैल से मार्च महा तक कि जाएगी। साथ यह भी कहना था कि जो एनुअल चार्जेस लिए जाते हैं वह स्कूल को मेंटेन व अन्य एक्टिविटी के लिए थोड़ा-थोड़ा किस्तों में लिया जाता थे। मगर इस बार एक साथ एनुअल चार्जेर्स लेने से शायद अभिभावकों को परेशानी हो रही है,
एसे में सरकार अगर कोई भी ठोस कदम नही उठाती है तो प्राइवेट स्कूल मनमानी और फीस एसे ही बढ़ाते रहेंगे ।

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