नैनीताल में कोरोना की दहशत,डॉक्टरों की टीम ने होटल में करा विदेशी पर्यटकों का परीक्षण।

दीपक कुमार,नैनीताल।

नैनीताल: विश्व मे महामारी के रूप में फैल रहा कोरोना वाइरस आज एक चुनोती बनता जा रहा है, इस बीमारी का बचाव ही इसका एक मात्र उपचार माना जा रहा है क्योंकि अभी तक इसका वैक्सीन नही बन पाया है। जिसको मद्देनजर रखते हुए इस गंभीर वाइरस से कैसे बचा जाय इस बात को जन जन को बताना जरूरी होता जा रहा है, नैनीताल के बीडी पांडे जिला अस्पताल में वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. एमएस दुग्ताल एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एमएस रावत के नेतृत्व में चार डॉक्टरों की टीम का गठन किया गया है। पूरी टीम ने आज अस्पताल में कोरोना वायरस के इलाज को लेकर मॉक ड्रिल की।
श‌ुक्रवार को अस्पताल में मॉक ड्रिल के दौरान डॉक्टरों के साथ नर्स स्टॉफ ने भी कोरोना वायरस के मरीजों के इलाज में क्या-क्या सावधानी बरतनी होती है व किस तरह उनका इलाज किया जाएगा इस बात की विशेष जानकारी दी गई। मॉक ड्रिल के दौरान मरीजों और अस्पताल के पूरे स्टॉफ को मास्क पहनना अनिवार्य किया गया था। डॉक्टर दुग्ताल ने बताया कि कोरोना वायरस से डरने की ज़रूरत नहीं है। ये भी आम वायरस की तरह ही है, बस आपकी सावधानी ही आपका बचाव है। सर्दी जुखाम और बुखार आने पर तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें वही दो दिन से नैनीताल के एक निजि होटल में मुंबई से आए दो पर्यटक ठहरे थे, जो 13 फरवरी को इटली से मुंबई पहुंचे थे, मल्लीताल कोतवाली के निर्देश पर अस्पताल की टीम ने होटल में जाकर दोनों ‌पर्यटकों की जांच की। डॉ. एमएस दुग्ताल ने बताया कि जांच के दौरान दोनों में कोरोना वायरस के लक्षण नहीं पाए गये।
इधर नगर के किसी व्यक्ति ने शनिवार को सोशल मीडिया में कोरोना वाइरस की अफवाह फैला दी। इस दौरान नगरवासी में दहशत का माहौल बन गया। वहीं कई लोगों के अस्पताल में फोन आने शुरू हो गए। पीएमएस डॉ. केएस धामी ने बताया कि इस तरह का कोई मामला सामने नहीं आया है। भविष्य में अगर किसी व्यक्ति ने ऐसा किया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कहा कि इस मॉकड्रिल का तात्पर्य केवल एक सफल प्रयास के रूप में किया जाना था।

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