देश और तिरंगे की शान के लिए शहीद हो गए मेजर राजेश अधिकारी,आज भी जिंदा है यादों में…

दिनेश जोशी,नैनीताल।

भले ही आज कारगिल युद्ध को 20 साल पुरे हो गए हो लेकिन आज भी उस युद्ध की यादे देश वाशीयो के सिने में ज्यो की त्यो बसी हुई है,,, आज भी लोग लोग 1999 के उस मंजर को याद कर सिहर उठते है 1999 के इस युद्ध मे केवल उत्तराख्ंाड ने करीब 74 जाबाज बेटे खोए थे जिसमे से एक थे शहिद मेजर राजेश अधिकारी।

कारगिल की जंग के दौरान सबसे मुश्किल चुनौती थी टाइगर हिल पर कब्जा जमाए बैठे पाकिस्तानी लगातार बमबारी कर रहे थे दुसरी ओर से गोलियां चला रहे थे, चोटी पर चढ़कर दुश्मन के ठिकानों को बर्बाद करना ही भारतीय सेना का पहला लक्ष्य था,,, इससे लिए सबसे पहले तोलोलिंग से घुसपैठियों का कब्जा हटाने की योजना बनाई गई,, दुश्मन 15 हजार फीट की ऊंचाई पर बैठा गोलिया बरसा रहा था जिस पर काबू पाने के लिए मेजर राजेश सिंह अधिकारी को जिम्मेदारी दी गई थी।
       मेजर राजेश सिंह अधिकारी ने अपनी यूनिट के साथ चढ़ाई की और पाकिस्तानी घुसपैठियों के बंकर को रॉकेट लॉन्‍चर से उलझाए रखा और अधिकारी को मौका मिला तो उन्होंने बंकर को तबाह कर दिया,,, पाकिस्तानी घुसपैठियों को भी मार गिराया,,,इस दौरान पाकिस्तानीयो की गोली लगने से मेजर गंभीर रूप से घायल हो गए,, गोली लगने के बाद भी मेजर बहादुरी से लडते रहे और घायल होने के बाद भी मेंजर राजेश अधिकारी ने कई घुसपैठियों को मार कर उनके ठिकानों पर कब्जा कर लिया,,,,
    18 ग्रिनेडियर के मेजर राजेश सिंह अधिकारी ने टोलोलिंग पर 30 मई को अपनी कंपनी के साथ चढ़ाई शुरू की,,, 15 हजार फुट की ऊंचाई पर भारी बर्फ के बीच दुश्मन ने मशीन गन से उनपर धावा बोला,, गंभीर रूप से जख्मी हालत में दो बंकर ध्वस्त कर मेजर अधिकारी ने प्वाइंट 4590 पर कब्जा किया,,, जिसके बाद मेजर राजेश सिंह अधिकारी इस जंग में शहीद हो गये,,, मेजर अधिकारी के इस वीरता और बलिदान के लिए उन्हें महावीर चक्र से सम्मानित किया गया। 

एसएसएस अधिकारी ।

कारगिल वो जंग जिसने देश के इतिहास में एक अमिट छाप छोड़ दी और जो अब तक की सबसे बड़ी जंग साबित हुई. यूं तो कारगिल की जंग में मातृभूमि की रक्षा में कई वीर योद्दाओं ने अपनी शहादत दी थी, जिनकी कुर्बानी को देश कभी नहीं भुला सकता है,,, 1990 के इस युद्ध में देवभूमि के 74 जांबाज सैनिक शहीद हुए थे. इन्‍हीं में से एक थे कारगिल शहीद मेजर राजेश सिंह अधिकारी. इनका जन्‍म 25 दिसंबर 1970 को नैनीताल में हुआ था. राजेश की स्‍कूली शिक्षा नैनीताल के बिशप शाॅ,सेट जोसफ, जीआईसी स्कुल से हुई,, जिसके बाद मेजर ने नैनीताल के डीएसबी कालेज से बी एस सी (BSC) की परीक्षा पास की और उसके बाद उनका चयन आईएमए देहरादुन के लिए हो गया,,,,
स्कुल के समय से ही मेजर का सेना के प्रति  जो जब्जा था वो उन्हें प्रतिष्ठित भारतीय सैन्य अकादमी में ले आया और 11 दिसंबर 1993 को मेजर राजेश सिंह अधिकारी भारतीय सैन्य अकादमी से ग्रेनेडियर में कमिशन हुए।

मेजर की भाभी।


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