त्रिवेंद्र सरकार से मासूम बच्चो की मौत पर मांगा जवाब,आखिर क्यों हुई मौत।

गोपाल के वर्मा।

ब्यूरो रिपोर्ट।

टिहरी में स्कूल वैन खाई में गिरने से हुई बच्चों की मौत का मामला हाईकोर्ट की शरण में पहुंच गया है, बच्चों की हुई मौत को गंभीरता से लेते हुए नैनीताल हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन की खंडपीठ ने राज्य सरकार को 2 सप्ताह के भीतर विस्तृत जवाब पेश करने के आदेश दिए हैं साथ ही कोर्ट ने एंजेल पब्लिक स्कूल को भी नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के आदेश दिए हैं।

देहरादून निवासी उमेश जे कुमार शर्मा ने नैनीताल हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा है कि 5 अगस्त 2019 को बच्चों को स्कूल ले जा रही जीप खाई में जा गिरी इस जीप में 22 लोग सवार थे जिसमें 20 स्कूली बच्चे थे और खाई में गाड़ी गिरने के दौरान 10 बच्चों की मौत हो गई जबकि 10 बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए, याचिकाकर्ता का कहना है कि ड्राइवर के और स्कूल प्रबंधन की लापरवाही से हादसा हुआ क्योंकि जिस जीप से हादसा हुआ उस में जीप को ड्राइवर नहीं जबकि उसका नाबालिक लड़का चला रहा था, साथ ही याचिकाकर्ता द्वारा मारे गए बच्चों के परिजनों को उचित मुआवजा दिलाने की भी मांग की है, याचिका में कहा गया है कि प्रदेश भर में हजारों की संख्या में बगैर मानयता के स्कूल चलाए जा रहे हैं जिन पर राज्य सरकार ध्यान नहीं दे रही और कार्रवाई के नाम पर केवल नोटिस दिए जा रहे हैं, लेकिन सत्ता के दबाव में इन अवैध स्कूल संचालकों पर कोई वैधानिक कार्रवाई नहीं की जा रही, याचिकाकर्ता का कहना है कि टिहरी के इस स्कूल की मान्यता नहीं थी जिसको शिक्षा विभाग द्वारा मानक पूरा न करने पर 2018 से नोटिस दिए जा रहे थे लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई, घटना के बाद भी सरकार द्वारा बगैर मान्यता प्राप्त स्कूलों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई नहीं की जा रही और ना ही इन स्कूलों के बारे में कोई सर्वे किया जा रहा है। याचिकाकर्ता द्वारा परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी बड़े सवाल खड़े करते हुऐ कहा है कि प्रदेश में बड़े बड़े हादसे हो रहे हैं लेकिन परिवहन विभाग ओवरलोडिंग के मामले पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही।

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