क्या उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी के पिता के नाम पर विधायक अमनमणि त्रिपाठी को बद्रीनाथ जाने की सरकार ने दी थी अनुमति।

हेमा जोशी,नैनीताल।

लॉक डाउन के दौरान उत्तर प्रदेश के विधायक अमनमणि त्रिपाठी को बद्रीनाथ तक पास जारी करने का मामला नैनीताल हाईकोर्ट की शरण में पहुंच गया है, मामले में सुनवाई करते हुए नैनीताल हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन और न्यायाधीश रमेश खुल्बे की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता को उन अधिकारियों को याचिका में पक्षकार बनाने के निर्देश दिए हैं जिनके द्वारा विधायक को लॉक डाउन के दौरान पास निर्गत करा था।
आपको बता दें कि देहरादून निवासी आलोक घिल्डियाल ने नैनीताल हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा है कि उत्तर प्रदेश के विधायक अमनमणि त्रिपाठी व उनके साथियों को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पिता के पितृ कर्म के नाम पर 2 मई से 7 मई तक बद्रीनाथ जाने का पास सरकार द्वारा जारी किया गया जिसमें उत्तराखंड के अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश और देहरादून के अपर जिलाधिकारी रामजी शरण के हस्ताक्षर हैं लेकिन विधायक इस काफिले को चमोली पुलिस के द्वारा कर्ण प्रयाग में रोक लिया और बद्रीनाथ नहीं जाने दिया जिस वजह से विधायक का काफिला कर्ण प्रयाग से वापस लौट आया और उनके द्वारा पुलिस के साथ जमकर अभद्रता भी करी गयी लिहाज इस पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराई जाए।

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