क्या उत्तराखंड में फिर से लगेगा राष्ट्रपति शासन , दायर हुई जनहित याचिका।

हेमा जोशी, नैनीताल।

जितेंद्र चौधरी।

प्रदेश में निकाय चुनाव पंचायत चुनाव समय पर न कराने पर उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लगाने को लेकर दायर जनहित याचिका


प्रदेश में पंचायत चुनाव में हो रही देरी का मामले नैनीताल हाईकोर्ट की शरण में पहुंच गया है, मामले को गंभीरता से लेते हुए हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन और न्यायाधीश आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ ने राज्य सरकार को जवाब पेश करने के आदेश दिए हैं,, साथ ही कोर्ट ने टिप्पणी में कहा है कि क्यों ना पूर्व के आदेश का पालन करने के मामले पर प्रदेश के मुख्य सचिव के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई अमल में ली जाए।
आपको बता दें कि गूलरभोज निवासी पूर्व प्रधान नईम ने नैनीताल हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा है सरकार प्रदेश में पंचायत चुनाव समय पर नहीं करा रही है और पंचायतों में प्रशासक नियुक्त कर रही है जो राज्य सरकार द्वारा 2010 में कोर्ट में दिए गए शपथ पत्र के विपरीत है वही प्रदेश में सरकार पंचायत चुनाव और निकाय चुनाव समय पर कराने में असफल रही है लिहाजा उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लगा दिया जाए।याचिकाकर्ता ने कहा है कि 2010 में सरकार की तरफ से मुख्य सचिव द्वारा शपथ पत्र पेश किया गया था कि पंचायत चुनाव समय पर करवाए जाएंगे और पंचायतों में प्रशासक नियुक्त नहीं करे जाएंगे लेकिन मुख्य सचिव इस शपथ पत्र की अवहेलना कर रहे हैं।आज मामले की सुनवाई करते हुए नैनीताल हाईकोर्ट की खंडपीठ ने चुनाव में हो रही देरी पर कड़ा रुख अपनाते हुए राज्य सरकार को जवाब पेश करने के आदेश दिए हैं साथ ही कोर्ट ने टिप्पणी में कहा आदेश का पालन ना होने के मामले पर क्यों ना मुख्य सचिव के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।

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