उत्तराखंड में प्राईवेट स्कूल संचालक जबरन अभिभावकों से नही लेगे फीस,हाई कोर्ट ने दिए आदेश।

नैनीताल हाईकोर्ट से प्राइवेट स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों को बड़ी राहत मिली है नैनीताल हाईकोर्ट ने प्राइवेट स्कूलों को आदेश दिए हैं कि कोई भी स्कूल ऑनलाइन क्लास के नाम पर बच्चों से जबरन फीस नहीं मांगेगा और सभी प्राइवेट स्कूल अपनी मांगों का प्रत्यावेदन बनाकर राज्य सरकार को देंगे जिस पर राज्य सरकार 1 सप्ताह के भीतर यह फैसला करेगी कि क्या अभिभावकों से फीस ली जा सकती है या नहीं….

वही कोर्ट ने साफ कहा है कि हाईकोर्ट द्वारा 12 मई को दिए गए फैसले के आधार पर कोई भी प्राइवेट स्कूल तब तक अभिभावकों से फीस नहीं मांगेगा जब तक राज्य सरकार फीस लेने के आदेश ना दे देआपको बता दे कि देहरादून निवाशी जीपेन्द्र सिंह ने  नैनीताल हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा है कि उत्तराखंड के प्राइवेट स्कूलों के द्वारा ऑनलाइन क्लासेज के नाम पर जबरन अभिभावकों से फीस मांगी जा रही है साथ ही जबरन ऑनलाइन क्लास पढ़ाई जा रही है जिससे बच्चों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है वहीं उत्तराखंड में कई स्थानों पर इंटरनेट की व्यवस्था नही है और कई लोगो के पास मोबाइल व अन्य गैजेट नहीं है जिससे कई बच्चे पढ़ाई से वंचित रह पा रहे हैं, लिहाजा ऑनलाइन पढ़ाई के स्थान पर दूरदर्शन के माध्यम से सभी बच्चों की पढ़ाई की जाए।

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