उत्तराखंड के 12 जिलों में 30 नवंबर तक होंगे पंचायती चुनाव, हरिद्वार में अगले साल होंगे पंचायत चुनाव।

संजय भट्ट, अधिवक्ता राज्य चुनाव आयोग।

प्रदेश में पंचायत चुनाव में हो रही देरी के मामले में नैनीताल हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए राज्य सरकार समेत चुनाव आयोग को 30 नवंबर तक चुनाव करवाने के आदेश दिए है साथ ही कोर्ट ने पंचायतों में नियुक्त प्रशासको 30 नवंबर तक नियुक्त रखने के आदेश देते हुए उनके सभी अधिकार सीज रखने के आदेश को बरकरार रखा है, आज मामले में सुनवाई करते हुए राज्य सरकार की तरफ से कोर्ट को बताया गया कि राज्य सरकार ने पंचायत चुनाव के लिए नई नीति बनाई है जिस वजह से पंचायत चुनाव में देरी हो रही है और राज्य सरकार को चुनाव कराने के लिए करीब 120 दिनों की आवश्यकता है, जिस पर मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने हामी भरते हुए राज्य सरकार को 120 दिन की स्वीकृति दी और 30 नवंबर तक प्रदेश में चुनाव करवाने के आदेश दिए है।

आपको बता दें कि गूलरभोज निवासी पूर्व प्रधान नईम ने नैनीताल हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा है सरकार प्रदेश में पंचायत चुनाव समय पर नहीं करा रही है और पंचायतों में प्रशासक नियुक्त कर रही है जो राज्य सरकार द्वारा 2010 में कोर्ट में दिए गए शपथ पत्र के विपरीत है वही प्रदेश में सरकार पंचायत चुनाव और निकाय चुनाव समय पर कराने में असफल रही है लिहाजा उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लगा दिया जाए।याचिकाकर्ता ने कहा है कि 2010 में सरकार की तरफ से मुख्य सचिव द्वारा शपथ पत्र पेश किया गया था कि पंचायत चुनाव समय पर करवाए जाएंगे और पंचायतों में प्रशासक नियुक्त नहीं करे जाएंगे लेकिन मुख्य सचिव इस शपथ पत्र की अवहेलना कर रहे हैं। मामले की सुनवाई करते हुए नैनीताल हाईकोर्ट की खंडपीठ ने चुनाव में हो रही देरी पर कड़ा रुख अपनाते हुए राज्य सरकार ओर चुनाव आयोग को 30 नवम्बर तक चुनाव करने के आदेश दिए हैं।

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