उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में ऑन लाइन क्लासेस की शुरुआत, छात्रों को होगा फायदा।

स्टूडियों से शिक्षक लाइव पढ़ाएंगे दूरस्त स्कूलों के छात्रों को, 500 स्कूलों को वर्चुअल क्लासरूम से जोड़ा गया।

उत्तराखंड के 500 स्कूलों में आज से संचालित वर्चुअल क्लासरूम प्रोजेक्ट को सही तरीके से अमलीजामा पहनाया गया तो यह दूरस्त क्षेत्रों में अध्यापकों की कमी की समस्या दूर करने में मील का पत्थर साबित हो सकती है | शिक्षा की इस आधुनिकतम तकनीक में स्मार्ट क्लासरूम को सूचना व संचार तकनीक लैब से जोड़कर न केवल सैकड़ों स्कूलों में विषयवार पढ़ाई की समस्या को दूर होगी, साथ ही बोर्ड परीक्षाए जेईई, नीट और छात्रवृति परीक्षा की तैयारी भी करवाई जायेगी |

देहरादून में राजीव गाँधी नवोदय विद्यालय में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के एक क्लिक के साथ ही राज्य में विद्यालयी शिक्षा विभाग के हाईटेक को होने की दिशा में बड़े कदम का आगाज हुआ | आज से शुरू हुए वर्चुअल क्लासरूम प्रोजेक्ट के पहले चरण में सेटेलाईट के जरिये देहरादून में बनाए चार केन्द्रीय स्टूडियों से राज्य के कुल 500 स्कूलों को लिंक किया जाएगा | जिससे स्टूडियों में बैठे शिक्षक उत्तराखंड के दूरस्थ इलाकों के स्कूली छात्रों से सीधे सम्पर्क कर विभिन्न विषयों को पढ़ाएंगे | इस दौरान छात्र भी विषय विशेषज्ञ से सीधे सवाल कर सकते हैं । विभाग के अनुशार इस प्रोजेक्ट के माध्यम से छह से 12वीं तक के छात्रों की पढ़ाई के अतिरिक्तए बोर्ड परीक्षाए जेईई, नीट और छात्रवृत्ति परीक्षा की तैयारी भी कराई जाएगी।

इस वर्चुअल क्लासरूम कार्यक्रम को समग्र शिक्षा अभियान के तहत आइसीटी योजना के तहत शुरू किया गया है । इसमें सेटेलाइट इंटरेक्टिव टर्मिनल (एसआइटी) व रिसीव ओनली टर्मिनल (आरओटी) के माध्यम से टू.वे इंटरेक्टिव प्रणाली से दून में इन केंद्रीयकृत स्टूडियो से प्रदेश के सरकारी माध्यमिक विद्यालयों को जोड़ा गया है । इन विद्यालयों में अध्ययनरत करीब 1.90 लाख छात्र.छात्राएं लाभान्वित करने वाले इस प्रोजेक्ट के द्वितीय चरण में 600 और स्कूलों को भी इससे जोड़ा जाएगा | अभी पहले चरण में चयनित स्कूलों में अल्मोड़ा से 52, टिहरी से 52, पौड़ी से 82, बागेश्वर से 10, चम्पावत से 15, चमोली से 45, दून से 46, हरिद्वार से 10, नैनीताल से 61, पिथौरागढ़ से 40, रुद्रप्रयाग सें 21, यूएसनगर से 33 और उत्तरकाशी से 33 स्कूल शामिल हैं |

अध्यापन की इस आधुनिकतम तकनीक से प्रदेश में सरकारी स्कूलों में शिक्षा गुणवत्ता में सुधार आने की बड़ी उम्मीद लगाई जा रही हैं | क्यूंकि इसमें स्टूडियों में बैठे शिक्षक से छात्राएं लाइव प्रश्न पूछकर जिज्ञासाओं और कठिनाइयों का निदान हासिल कर सकेंगे | इस तरह सभी विषयों की नियमित पढ़ाई व बच्चों के ज्ञान प्राप्ति स्तर और परीक्षाफल में भी वृद्धि होने की उम्मीद लगायी जा रही है | इसके अतिरिक्त इस माध्यम से छात्र.छात्राओं के साथ शिक्षकों, अभिभावकों और अन्य हितधारकों से सीधा संपर्क स्थापित कर वार्ता की जा सकती है । वहीँ दूसरी और शिक्षा विभाग के पैमाने पर देखें तो विभागीय अधिकारी पहाड़ के दूरदराज के स्कूलों की स्थिति को लाइव देहरादून में बैठकर देख सकते हैं |

शिक्षा विभाग के टीसीएल कंपनी के साथ 92 करोड़ में हुए इस करार में कंपनी टू.वे संचार को लीज लाइन का बंदोबस्त कर चुकी है | कंपनी के अनुशार इन वर्चुअल क्लासरूम में एक साथ दो लेक्चर शुरू किये गए हैं, दिनभर में कुल 12 लेक्चर होंगे | खास बात है कि एक साथ चार कक्षाओं की होगी पढ़ाईए जिन विद्यालयों में विषय अध्यापक नहीं हैं, उन विषयों की कक्षाएं भी नियमित संचालित होंगी | साथ ही वर्चुअल क्लासरूम के माध्यम से छात्रों को कैरियर गाइडेंस भी दी जाएगी |

Leave a Reply

Your email address will not be published.