उत्तराखंड की सबसे बड़ी शादी को लेकर क्यों मचा संग्राम, आखिर क्या है वजह।

हेमा जोशी,नैनीताल।

उत्तराखंड के औली में कल से होने वाली शाही शादी के मामले में नैनीताल हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए औली में बने 8 हेलीपैड से हेलीकॉप्टर के संचालन पर रोक लगा दी है साथ ही कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा है कि क्या औली और आली दोनों एक ही जगह है और औली बुग्याल  की श्रेणी में आता है या नहीं साथ ही कोर्ट ने राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव को कल कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए हैं, कोर्ट ने सदस्य सचिव प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से पूछा है कि औली में शादी के दौरान प्रयोग होने वाले हीटिंग सिस्टम से पर्यावरण को क्या नुकसान होगा,,, मामले को गंभीरता से लेते हैं नैनीताल हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन की खंडपीठ ने शादी करवा रहे इवेंट मैनेजमेन्ट को भी याचिका में पक्षकार बनाए हैं,, और गुप्ता परिवार को बुग्याल की सफाई के लिए 5 करोड़ रुपए जमा करने के आदेस दिए है,,
आपको बता दें कि पूर्व में नैनीताल हाईकोर्ट की एकल पीठ ने प्रदेश के सभी बुग्याल ओं में किसी भी बड़े इवेंट को कराने पर रोक लगाई थी और कहा था कि अगर बुग्यालों में किसी प्रकार के आयोजन कराए जाते हैं तो उसके लिए आयोजक सरकार से अनुमति लेंगे जिस पर आज कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा है कि क्या कोर्ट के पूर्व के आदेश औली में लागू होंगे या नहीं जिस पर कल राज्य सरकार अपना जवाब पेश करेगी,,आज मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा है कि क्या इससे पहले भी इस तरह की शादियां औली में हुई हैं,, क्या वहां पहले से हेलीपैड बने हुए हैं जिस जगह शादी की जा रही है, और उसकी अनुमति किसने दी और क्या औली बुग्याओं की श्रेणी में आता है या नहीं,,,वहीं कोर्ट ने राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को शादी की मॉनिटरिंग करने के भी आदेश दिए हैं और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से कहा है कि वह कोर्ट को बताएं कि 18 जून तक औली को कितना नुकसान पहुंचा है।

आपको बता दें कि अधिवक्ता रक्षित जोशी ने नैनीताल हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा है कि उत्तराखंड के औली बुग्याल में उद्योगपति के बेटों की शादी 18 से 22 जून तक होने जा रही है जिसमें मेहमानों को लाने ले जाने के लिए करीब 200 हेलीकॉप्टरों की व्यवस्था की गई है और इन हेलीकॉप्टरों से पर्यावरण को खतरा होगा साथ ही बुग्यालों को भी खतरा होगा याचिकाकर्ता का कहना है कि राज्य सरकार द्वारा नैनीताल हाईकोर्ट की एकल पीठ द्वारा दिए गए पूर्व के आदेश की अनदेखी की जा रही है, जिसमें कोर्ट ने पहाड़ी क्षेत्रों बुग्याल ओं आदि में किसी भी प्रकार की गतिविधि में प्रतिबंध लगाया था,,

Leave a Reply

Your email address will not be published.