अब बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को फ्री में नही मिलेगी बिजली।

उत्तराखंड में विधुत विभाग में अधिकारियों और कर्मचारियों को फ्री में बिजली देने के मामले पर नैनीताल हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन और न्यायाधीश आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ से सख्त रुख अपनाते हुए उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन और पिटकुल को उन अधिकारियों और कर्मचारियों की लिस्ट ( डाटा ) पेश करने के आदेश दिए हैं जिनको फ्री में बिजली दी जाती है, साथ ही कोर्ट ने मामले में पिटकुल को स्वतः ही पार्टी बनाया है,और कोर्ट ने फ्री में बिजली देने के मामले में उत्तराखंड जल विद्युत निगम समेत पिटकुल को 2 सप्तहा में जवाब पेश करने के आदेश दिए है।
आपको बता दें कि देहरादून की आर टी आई क्लब ने नैनीताल हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा है कि सरकार विद्युत विभाग में तैनात अधिकारियों से 1 महीने का बिल मात्र 400 से 500 रुपए ओर कर्मचारियों से 100 रुपए ले रही है जबकि इनका बिल लाखो में आता है, जिसका बोझ सीधे जनता पर पड़ रहा है,,
वहीं याचिकाकर्ता का कहना है कि प्रदेश में कई अधिकारियों के घर बिजली के मीटर तक नहीं लगे और जहा लगे हैं वो खराब स्थिति में हैं,, याचिकाकर्ता ने कोर्ट में करीब 300 से अधिक ऐसे अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों की लिस्ट कोर्ट में पेश की है जिनके घर मे आज तक बिजली के मीटर नहीं लगे हैं और जहां लगे हैं वह खराब स्थिति में पड़े हैं।

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